नारायण सूक्तम्
नारायणसूक्तम्
विश्व और हृदय दोनों में नारायण की उपस्थिति का ध्यान कराने वाला वैदिक सूक्त।
भगवान नारायण
यह पाठ खोलेंपवित्र पाठ और प्रार्थनाएँ
पुरुष सूक्त समस्त सृष्टि को विराट पुरुष के दिव्य स्वरूप के रूप में देखता है। यह हमें सृष्टि, यज्ञ और सभी प्राणियों की परमात्मा से गहरी एकता का बोध कराता है।
पुरुषसूक्तम्
देवताविराट पुरुष — श्री नारायण
मूल परम्पराकृष्ण यजुर्वेद परम्परा
पारंपरिक स्रोतमुख्य मन्त्रों और उत्तर नारायण भाग सहित कृष्ण यजुर्वेद की विस्तृत पाठ-परम्परा।
वैदिक उच्चारण और स्वर महत्त्वपूर्ण हैं। विधिवत पाठ योग्य वैदिक गुरु से सीखें।
पारायण
वैदिक स्वर जानने वाले परम्परागत ढंग से पाठ करें। अन्य भक्त सरल पाठ को अर्थ सहित पढ़ें और स्वर-पाठ किसी योग्य गुरु से सीखें।
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सम्बद्ध प्रार्थनाएँ
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विश्व और हृदय दोनों में नारायण की उपस्थिति का ध्यान कराने वाला वैदिक सूक्त।
भगवान नारायण
यह पाठ खोलेंश्रीविष्णुसहस्रनामम्
महाभारत में भीष्म द्वारा बताए गए भगवान विष्णु के एक हजार पवित्र नाम।
भगवान महाविष्णु
यह पाठ खोलेंमन्त्रपुष्पम्
जल-तत्त्व की महिमा का ध्यान करते हुए पूजा के अन्त में अर्पित वैदिक पाठ।
परब्रह्म और जल-तत्त्व
यह पाठ खोलेंइस संग्रह के बारे में
इन पृष्ठों पर निजी भक्ति के लिए पारम्परिक संस्कृत पाठ दिए गए हैं। अर्थ सरल, मौलिक सार हैं। यह विकसित होता संग्रह है; यह TTD का आधिकारिक पाठ या किसी वेद-शाखा का प्रामाणिक संस्करण नहीं है।
इस पृष्ठ को TTD, भारतीय रेल, सारेगामा, किसी गायक या रिकॉर्डिंग संस्था की स्वीकृति न माना जाए।
अलीपुरद्वार जंक्शन के स्थानीय रेलवे समुदाय और स्थानीय भक्तों की सामूहिक श्रद्धा से स्थापित।