पुरुष सूक्तम्
पुरुषसूक्तम्
समस्त सृष्टि को विराट पुरुष का स्वरूप मानने वाला महान वैदिक सूक्त।
विराट पुरुष — श्री नारायण
यह पाठ खोलेंपवित्र पाठ और प्रार्थनाएँ
मन्त्र पुष्पम् जल को सृष्टि के आधार और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था के वाहक के रूप में देखता है। अनेक मन्दिरों में इसे पूजा या आरती के अन्त में अर्पित किया जाता है।
मन्त्रपुष्पम्
देवतापरब्रह्म और जल-तत्त्व
मूल परम्परातैत्तिरीय आरण्यक परम्परा
पारंपरिक स्रोततैत्तिरीय परम्परा से विकसित, पूजा के अन्त में प्रचलित विस्तृत मन्दिर-पाठ।
वैदिक उच्चारण और स्वर महत्त्वपूर्ण हैं। विधिवत पाठ योग्य वैदिक गुरु से सीखें।
विस्तृत मन्दिर-पारायण रूप।
पारायण
इसे सामान्यतः पूजा के समापन पर पढ़ा जाता है। स्वर सहित पाठ करने के लिए किसी योग्य वैदिक शिक्षक से सीखें।
इस खोज से कोई श्लोक नहीं मिला।
Text awaiting submission and review.
Text awaiting submission and review.
Text awaiting submission and review.
Text awaiting submission and review.
Text awaiting submission and review.
Text awaiting submission and review.
Text awaiting submission and review.
Text awaiting submission and review.
Text awaiting submission and review.
Text awaiting submission and review.
Text awaiting submission and review.
Text awaiting submission and review.
Text awaiting submission and review.
Text awaiting submission and review.
Text awaiting submission and review.
Text awaiting submission and review.
सुनें
मन्दिर की रिकॉर्डिंग शीघ्र
आवश्यक अनुमति मिलने पर मन्दिर के पुजारी या अधिकृत भक्तों की रिकॉर्डिंग यहाँ देने का प्रयास रहेगा।
सम्बद्ध प्रार्थनाएँ
पुरुषसूक्तम्
समस्त सृष्टि को विराट पुरुष का स्वरूप मानने वाला महान वैदिक सूक्त।
विराट पुरुष — श्री नारायण
यह पाठ खोलेंनारायणसूक्तम्
विश्व और हृदय दोनों में नारायण की उपस्थिति का ध्यान कराने वाला वैदिक सूक्त।
भगवान नारायण
यह पाठ खोलेंदश शान्तयः
समस्त सृष्टि के लिए शान्ति और मंगल माँगने वाली दस वैदिक प्रार्थनाएँ।
ब्रह्म और वैदिक देवता
यह पाठ खोलेंइस संग्रह के बारे में
इन पृष्ठों पर निजी भक्ति के लिए पारम्परिक संस्कृत पाठ दिए गए हैं। अर्थ सरल, मौलिक सार हैं। यह विकसित होता संग्रह है; यह TTD का आधिकारिक पाठ या किसी वेद-शाखा का प्रामाणिक संस्करण नहीं है।
इस पृष्ठ को TTD, भारतीय रेल, सारेगामा, किसी गायक या रिकॉर्डिंग संस्था की स्वीकृति न माना जाए।
अलीपुरद्वार जंक्शन के स्थानीय रेलवे समुदाय और स्थानीय भक्तों की सामूहिक श्रद्धा से स्थापित।