पवित्र पाठ और प्रार्थनाएँ

दुर्गा सूक्तम्

दुर्गा सूक्त जीवन की कठिनाइयों से पार लगाने के लिए अग्निस्वरूपा देवी दुर्गा की शरण लेता है। इसमें देवी की कृपा को सुरक्षित किनारे तक पहुँचाने वाली नाव के समान माना गया है।

दुर्गासूक्तम्

देवताश्री दुर्गा देवी

मूल परम्परातैत्तिरीय आरण्यक परम्परा

पारंपरिक स्रोतसात मुख्य मन्त्रों, दुर्गा गायत्री और शान्ति मन्त्र वाला पारम्परिक पाठ।

वैदिक उच्चारण और स्वर महत्त्वपूर्ण हैं। विधिवत पाठ योग्य वैदिक गुरु से सीखें।

पारायण

परम्परा में इसका प्रयोग

भय, बाधा या नए आरम्भ के समय श्रद्धा से पढ़ा जा सकता है। वैदिक स्वर-पाठ योग्य गुरु से सीखें।

अर्थ

अक्षर का आकार

Seven principal mantras

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Durga Gayatri

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Closing Shanti mantra

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सम्बद्ध प्रार्थनाएँ

सम्बद्ध प्रार्थनाएँ

  • आदिशक्तिसम्पादकीय रूप से मानकीकृत

    श्री ललिता सहस्रनाम

    श्रीललितासहस्रनामम्

    श्री ललिता त्रिपुरसुन्दरी के एक हजार दिव्य नाम।

    श्री ललिता त्रिपुरसुन्दरी

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  • वैदिक सूक्तप्राप्त — समीक्षा शेष

    नारायण सूक्तम्

    नारायणसूक्तम्

    विश्व और हृदय दोनों में नारायण की उपस्थिति का ध्यान कराने वाला वैदिक सूक्त।

    भगवान नारायण

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इस संग्रह के बारे में

इस संग्रह के बारे में

इन पृष्ठों पर निजी भक्ति के लिए पारम्परिक संस्कृत पाठ दिए गए हैं। अर्थ सरल, मौलिक सार हैं। यह विकसित होता संग्रह है; यह TTD का आधिकारिक पाठ या किसी वेद-शाखा का प्रामाणिक संस्करण नहीं है।

इस पृष्ठ को TTD, भारतीय रेल, सारेगामा, किसी गायक या रिकॉर्डिंग संस्था की स्वीकृति न माना जाए।

अलीपुरद्वार जंक्शन के स्थानीय रेलवे समुदाय और स्थानीय भक्तों की सामूहिक श्रद्धा से स्थापित।