पवित्र पाठ और प्रार्थनाएँ

श्री रुद्रम् — नमकम्

नमकम् बार-बार ‘नमः’ कहकर प्रकृति, प्राणी और जीवन के प्रत्येक रूप में उपस्थित रुद्र को प्रणाम करता है।

श्रीरुद्रम् — नमकम्

देवताभगवान शिव — रुद्र

मूल परम्पराकृष्ण यजुर्वेद — तैत्तिरीय संहिता

पारंपरिक स्रोततैत्तिरीय संहिता 4.5 में प्राप्त ग्यारह अनुवाकों वाला नमकम्।

वैदिक उच्चारण और स्वर महत्त्वपूर्ण हैं। विधिवत पाठ योग्य वैदिक गुरु से सीखें।

पारायण

परम्परा में इसका प्रयोग

ग्यारह अनुवाकों का पाठ सही वैदिक स्वर से किया जाता है। स्वर न जानने वाले भक्त पाठ को श्रद्धा से पढ़ सकते हैं और अधिकृत पारायण सुन सकते हैं।

अर्थ

अक्षर का आकार

Principal Namakam — eleven anuvakas

Anuvaka 1

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Anuvaka 2

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Anuvaka 3

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Anuvaka 4

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Anuvaka 5

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Anuvaka 6

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Anuvaka 7

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Anuvaka 8

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Anuvaka 9

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Anuvaka 10

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Anuvaka 11

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Supplementary invocations

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Customary concluding mantras

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सुनें

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आवश्यक अनुमति मिलने पर मन्दिर के पुजारी या अधिकृत भक्तों की रिकॉर्डिंग यहाँ देने का प्रयास रहेगा।

सम्बद्ध प्रार्थनाएँ

सम्बद्ध प्रार्थनाएँ

  • शिवप्राप्त — समीक्षा शेष

    श्री रुद्रम्

    श्रीरुद्रम्

    नमकम् और चमकम् से जुड़ा श्री रुद्रम् का मुख्य संग्रह।

    भगवान शिव — रुद्र

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  • शिवप्राप्त — समीक्षा शेष

    श्री रुद्रम् — चमकम्

    श्रीरुद्रम् — चमकम्

    समीक्षित वैदिक पाठ प्राप्त होने के बाद प्रकाशित किया जाने वाला चमकम्।

    भगवान शिव — रुद्र

    यह पाठ खोलें

इस संग्रह के बारे में

इस संग्रह के बारे में

इन पृष्ठों पर निजी भक्ति के लिए पारम्परिक संस्कृत पाठ दिए गए हैं। अर्थ सरल, मौलिक सार हैं। यह विकसित होता संग्रह है; यह TTD का आधिकारिक पाठ या किसी वेद-शाखा का प्रामाणिक संस्करण नहीं है।

इस पृष्ठ को TTD, भारतीय रेल, सारेगामा, किसी गायक या रिकॉर्डिंग संस्था की स्वीकृति न माना जाए।

अलीपुरद्वार जंक्शन के स्थानीय रेलवे समुदाय और स्थानीय भक्तों की सामूहिक श्रद्धा से स्थापित।