सर्वदेवता गायत्री मन्त्र
देवता गायत्र्यः
बारह देवताओं को समर्पित गायत्री-रूप मन्त्रों का संग्रह।
विभिन्न देवता
यह पाठ खोलेंपवित्र पाठ और प्रार्थनाएँ
गायत्री मन्त्र दिव्य सविता के प्रकाश का ध्यान करते हुए हमारी बुद्धि को सत्य, ज्ञान और धर्म की ओर प्रेरित करने की प्रार्थना है।
गायत्री मन्त्रः
देवतासविता — गायत्री देवी
मूल परम्पराऋग्वेद परम्परा
पारंपरिक स्रोतऋग्वेद 3.62.10, पारम्परिक व्याहृतियों सहित; केवल समीक्षित घनपाठ प्रकाशित होगा।
वैदिक उच्चारण और स्वर महत्त्वपूर्ण हैं। विधिवत पाठ योग्य वैदिक गुरु से सीखें।
पारायण
शान्त और एकाग्र मन से जप करें। घनपाठ जैसी जटिल स्वर-पद्धतियाँ केवल योग्य गुरु से सीखें।
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सम्बद्ध प्रार्थनाएँ
देवता गायत्र्यः
बारह देवताओं को समर्पित गायत्री-रूप मन्त्रों का संग्रह।
विभिन्न देवता
यह पाठ खोलेंसूर्यनमस्कार मन्त्राः
सूर्य नारायण के बारह नामों सहित सूर्य नमस्कार के मन्त्र।
सूर्य नारायण
यह पाठ खोलेंनित्य प्रार्थनाः
जागने से लेकर सोने तक जीवन के अलग-अलग क्षणों की सरल प्रार्थनाएँ।
गृह-उपासना
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इन पृष्ठों पर निजी भक्ति के लिए पारम्परिक संस्कृत पाठ दिए गए हैं। अर्थ सरल, मौलिक सार हैं। यह विकसित होता संग्रह है; यह TTD का आधिकारिक पाठ या किसी वेद-शाखा का प्रामाणिक संस्करण नहीं है।
इस पृष्ठ को TTD, भारतीय रेल, सारेगामा, किसी गायक या रिकॉर्डिंग संस्था की स्वीकृति न माना जाए।
अलीपुरद्वार जंक्शन के स्थानीय रेलवे समुदाय और स्थानीय भक्तों की सामूहिक श्रद्धा से स्थापित।