पवित्र पाठ और प्रार्थनाएँ

मूल मन्त्र

तीन छोटे किन्तु गम्भीर मन्त्र—ॐ नमः शिवाय, ॐ नमो नारायणाय और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

मूल मन्त्राः

देवताभगवान शिव और भगवान नारायण

मूल परम्पराशैव और वैष्णव मन्त्र-परम्पराएँ

पारंपरिक स्रोतपञ्चाक्षरी, अष्टाक्षरी और द्वादशाक्षरी—तीन व्यापक रूप से पूजित मूल मन्त्र।

पारायण

परम्परा में इसका प्रयोग

श्रद्धा और नियमितता से जप करें। अपने परिवार या गुरु-परम्परा के नियमों का सम्मान करें।

अर्थ

अक्षर का आकार

Panchakshari

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Ashtakshari

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Dvadashakshari

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सम्बद्ध प्रार्थनाएँ

सम्बद्ध प्रार्थनाएँ

  • दैनिक प्रार्थनाएँप्राप्त — समीक्षा शेष

    देवता प्रार्थनाएँ

    देवता प्रार्थनाः

    विभिन्न देवताओं के लिए व्यवस्थित छोटी और सरल घरेलू प्रार्थनाएँ।

    विभिन्न देवता

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  • दैनिक प्रार्थनाएँप्राप्त — समीक्षा शेष

    नित्य प्रार्थनाएँ

    नित्य प्रार्थनाः

    जागने से लेकर सोने तक जीवन के अलग-अलग क्षणों की सरल प्रार्थनाएँ।

    गृह-उपासना

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इस संग्रह के बारे में

इस संग्रह के बारे में

इन पृष्ठों पर निजी भक्ति के लिए पारम्परिक संस्कृत पाठ दिए गए हैं। अर्थ सरल, मौलिक सार हैं। यह विकसित होता संग्रह है; यह TTD का आधिकारिक पाठ या किसी वेद-शाखा का प्रामाणिक संस्करण नहीं है।

इस पृष्ठ को TTD, भारतीय रेल, सारेगामा, किसी गायक या रिकॉर्डिंग संस्था की स्वीकृति न माना जाए।

अलीपुरद्वार जंक्शन के स्थानीय रेलवे समुदाय और स्थानीय भक्तों की सामूहिक श्रद्धा से स्थापित।