पवित्र पाठ और प्रार्थनाएँ

बौद्ध शरण-प्रार्थना

यह सरल किन्तु गम्भीर प्रार्थना बुद्ध की जागृति, धम्म के मार्ग और संघ के सहारे में शरण लेने का संकल्प है।

बुद्धं शरणं गच्छामि

देवतात्रिरत्न — बुद्ध, धम्म और संघ

मूल परम्पराबौद्ध उपासना-परम्परा

पारंपरिक स्रोतबुद्ध, धम्म और संघ—इन तीन रत्नों में शरण लेने की प्रसिद्ध बौद्ध प्रार्थना।

यह बौद्ध उपासना-परम्परा की प्रार्थना है। इसे भारतीय प्रार्थना-परम्पराओं में सम्मानपूर्वक रखा गया है; हिन्दू देवता-प्रार्थना के रूप में नहीं।

पारायण

परम्परा में इसका प्रयोग

प्रत्येक पंक्ति को उसके अर्थ का स्मरण करते हुए शान्त भाव से बोलें। इसे बौद्ध परम्परा की प्रार्थना के रूप में सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया गया है।

अर्थ

अक्षर का आकार

Buddhaṃ Saraṇaṃ Gacchāmi

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सम्बद्ध प्रार्थनाएँ

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  • शान्ति और कल्याण प्रार्थनाएँप्राप्त — समीक्षा शेष

    शान्ति प्रार्थनाएँ

    शान्ति प्रार्थनाः

    सभी प्राणियों की शान्ति, स्वास्थ्य और मंगल के लिए प्रार्थनाएँ।

    सबके लिए शान्ति और कल्याण

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इस संग्रह के बारे में

इस संग्रह के बारे में

इन पृष्ठों पर निजी भक्ति के लिए पारम्परिक संस्कृत पाठ दिए गए हैं। अर्थ सरल, मौलिक सार हैं। यह विकसित होता संग्रह है; यह TTD का आधिकारिक पाठ या किसी वेद-शाखा का प्रामाणिक संस्करण नहीं है।

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अलीपुरद्वार जंक्शन के स्थानीय रेलवे समुदाय और स्थानीय भक्तों की सामूहिक श्रद्धा से स्थापित।